चेतावनी दंड नहीं, दोषमुक्त कर्मचारी को निलंबन अवधि का पूरा वेतन मिलेगा : इलाहाबाद हाईकोर्ट
मामला क्या था
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कर्मचारी | मोहिनी देवी |
| पद | सफाई कर्मचारी |
| विभाग | नगर पालिका परिषद, गुलावठी |
| निलंबन | वर्ष 2002 |
| बर्खास्तगी | 2003 |
| हाईकोर्ट से राहत | 2012 |
| पुनः बहाली | 2013 (चेतावनी के साथ) |
कोर्ट ने किन आदेशों को रद्द किया
कोर्ट ने मेरठ मंडलायुक्त के 2015 के अपीलीय आदेश सहित संबंधित आदेशों को रद्द कर दिया।
फैसले में कहा गया कि Uttar Pradesh Government Servant (Discipline and Appeal) Rules 1999 के तहत चेतावनी को दंड की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
फैसले का महत्व
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कर्मचारियों के सेवा अधिकारों की सुरक्षा मजबूत होगी।
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निलंबन के बाद दोषमुक्त कर्मचारियों को वेतन से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
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सरकारी विभागों को अनुशासनात्मक कार्रवाई में सावधानी बरतनी होगी।