WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्टेशनरी क्रय हेतु PFMS लिमिट जारी

वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 के अंतर्गत बड़ा निर्णय

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट के तहत विद्यालय परिसर में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्टेशनरी खरीद की अनुमति दी गई है। इसके लिए PFMS के माध्यम से प्रथम चरण (1st Phase) में धनराशि जारी करने का आदेश दिया गया है।



प्रति विद्यालय ₹5000 की राशि स्वीकृत

जारी आदेश के अनुसार, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों को को-लोकेटेड (विद्यालय परिसर में संचालित) के रूप में चिन्हित किया गया है, उनके बच्चों के उपयोग के लिए स्टेशनरी सामग्री खरीदी जाएगी।

  • प्रति विद्यालय ₹5000 की दर से राशि स्वीकृत

  • यह राशि PFMS लिमिट के माध्यम से जारी की जाएगी

  • स्टेशनरी सामग्री का क्रय विद्यालय स्तर पर किया जाएगा


किन बच्चों को मिलेगा लाभ

इस योजना का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले छोटे बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है।

लाभार्थी:

  • आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चे

  • विद्यालय परिसर में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र


स्टेशनरी सामग्री में शामिल हो सकते हैं

बच्चों के प्रयोग के लिए निम्न सामग्री खरीदी जा सकती है:

  • कॉपी / नोटबुक

  • पेंसिल

  • क्रेयॉन / कलर

  • ड्राइंग बुक

  • स्लेट / चॉक

  • अन्य शिक्षण सामग्री


PFMS कंपोजिट ग्रांट 2025-26 (मुख्य जानकारी)

बिंदुविवरण
योजनाPFMS Composite Grant
वित्तीय वर्ष2025-26
लाभार्थीCo-Located Anganwadi Centers
राशि₹5000 प्रति विद्यालय
चरणप्रथम चरण (1st Phase)
उद्देश्यबच्चों के लिए स्टेशनरी खरीद

महानिदेशक द्वारा आदेश जारी

महानिदेशक कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए स्टेशनरी सामग्री का क्रय PFMS लिमिट के अंतर्गत किया जाएगा, जिससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा गतिविधियों को बेहतर बनाया जा सके।








आंगनबाड़ीस्टेशनरी के लिए PFMS कोड क्या है?


अंगनवाड़ी स्टेशनरी के लिए PFMS कोड F.01.22.02 है।

आंगनबाड़ी केंद्रों को स्टेशनरी के लिए कितनी धनराशि आवंटित की जाती है?


प्रत्येक सह-स्थित (co-located) अंगनवाड़ी केंद्र को स्टेशनरी के लिए ₹10,000 (प्रति माह ₹1,000 के हिसाब से 10 महीनों के लिए) प्रति वर्ष(2024-25) आवंटित किए गए है|